महाराष्ट्र की ताजातरीन राजनीतिक उलटफेर को समर्पित मेरी कविता-
राष्ट्रपति और राज्यपाल ने,
सुबह सुबह जादू कर डाला,
बी जे पी को सत्ता सौंपी,
एन सी पी ने बदला पाला
खिसियानी बिल्ली के जैसे,
संजय राऊत खंभा नोचे,
अजीत पवार ने छुरा भोंका,
कौन भला अब आंसू पोछे!
एनसीपी के टुकड़े बिखरे,
बी जे पी ने किया इकट्ठा,
उदधव आंसू बहा रहे हैं,
आदित्य बना उल्लू का पट्ठा,
चूल्हे की खिचड़ी पकी नहीं थी , इससे पहले चूल्हा फूटा,
बीजेपी सत्ता में लौटी,
शिवसेना का सपना टूटा,
शरद पवार और मोदी जी की,
मुलाकात है रंग ये लाई
सीबीआई से हमें बचाओ
राम दुहाई, राम दुहाई
रचनाकार-कमलेंदु कुमार पटेल "बनारसी"
सुबह सुबह जादू कर डाला,
बी जे पी को सत्ता सौंपी,
एन सी पी ने बदला पाला
खिसियानी बिल्ली के जैसे,
संजय राऊत खंभा नोचे,
अजीत पवार ने छुरा भोंका,
कौन भला अब आंसू पोछे!
एनसीपी के टुकड़े बिखरे,
बी जे पी ने किया इकट्ठा,
उदधव आंसू बहा रहे हैं,
आदित्य बना उल्लू का पट्ठा,
चूल्हे की खिचड़ी पकी नहीं थी , इससे पहले चूल्हा फूटा,
बीजेपी सत्ता में लौटी,
शिवसेना का सपना टूटा,
शरद पवार और मोदी जी की,
मुलाकात है रंग ये लाई
सीबीआई से हमें बचाओ
राम दुहाई, राम दुहाई
रचनाकार-कमलेंदु कुमार पटेल "बनारसी"



No comments:
Post a Comment