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Saturday, 23 November 2019

कौन कहता है बिहार में शराब बंदी है...

सीमायी इलाका सोनबरसा तथा कन्हौली में आइए,यहां निर्भय होकर खेत खलिहान से लेकर विद्यालय भवन में भी शराब की चुस्की लीजिये,कोई रोकने वाला नही।


यहां की सुबह रात की काली स्याही के बीच खेली गई शराब शराब की खेल को बखूबी दर्शा देती है।

कानून का भय नही,बाइक पर बैठा युवक शराब का बोतल लहराता हुआ कहता है,जा रहा हूँ शराब लाने,कोई रोक सकता है तो रोक ले।


मंथन---ऐसे हर मामले में लोग बिना देरी किये पुलिस को ही दोषी ठहरा देते है।इसमे कोई दो राय नही की पुलिस की छवि आम जनों में बेहतर नही है।लेकिन सोचनीय बिषय यह है कि-उन मामलों का क्या,जहां पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजती है,लेकिन जल्द ही वैसे अपराधी तस्कर बाहर होता है।और बार बार अपराध करता है,बार बार जेल जाता है,लेकिन बार बार बाहर आ जाता है।निश्चित तौर पर कानून में बदलाव,सख्ती की जरूरत के साथ ही नाबालिग कानून में बदलाव व पुलिस के कुछ अधिकार बढ़ाये जाने की जरूरत है।


जबसे बिहार में शराबबंदी हुई है सरकार शराबी,शराब,माफियाओं,तस्करों व धंधे वालों को दबोचने के लिए हर मोर्चे पर प्रयास कर रही है। बावजूद इसके नेपाल से सटे सीमाई इलाकों का हाल देखने पर पता चलता है कि यहां शराब सिर्फ पिया ही नहीं जाता है बल्कि जमकर पिया जाता है। यहां तक कि खेत खलिहान से लेकर शिक्षा का मंदिर विद्यालय परिसर व भवन में भी शराब की बोतलें मिल जाती है।सुबह विद्यालय के अंदर व बाहर बिखरे ताश के पत्ते तथा शराब की बोतल रात का जुए और शराब के चले दौड़ का फसाना बता देता है।


सबसे पहले कन्हौली थानाक्षेत्र के बगहा,इट हरवा, नेपाल के फेनहारा से सटे कन्हौली का इलाका,भारसड,मुहचट्टी इत्यादि के इलाके में चलते है,इन इलाकों से शराब की छोटी बड़ी वाहन से शराब की तस्करी होती रही है,यह किसी से छिपा नही है,कई बार एसएसबी ने तो कभी कभी पुलिस ने भी इन इलाकों के आस पास से शराब,वाहन व धंधेबाजों को जरूर पकड़ा है,लेकिन हाल के दिनों में शराब मांफीयाओ ने अपने पैर इतने पसार लिए है कि-यहां अब खेत खलिहानों में भी शराब पीने के बंदोबस्त की जा चुकी है।नशेड़ियों को यहां सब पता होता है कि किस धंधेबाज का शराब कहां रखा है,बस रुपया पेड कीजिये,कहे जगह पर जाइये,खेत मे इस तरह बैठिए मानो कोई किसान बैठा हो,बगल में नेपाली शौफी शराब की बोतल,प्लास्टिक का ग्लास मौजूद है,जी भर कर शराब की घूंट मारिये और फिर निकल परिये।ना कोई देखने,रोकने टोकने वाला।


दुलारपुर में एक बृद्ध ने कहा-बॉडर पर बैठल जवान आ,कन्हौली थाना के पुलिस के न पूछू,ई सभे के चलते ईहा शराब ढिठे नेपाल से अबई छई।जवान जवान बच्चा सब बर्बाद भे रहल है।बोले के केकरा हिम्मत है,न पुलिस छोरतै व शराब वाला,अहिलेल सब चुप है।

 इधर सोनबरसा थानाक्षेत्र का बसतपुर,सहोरवा,लालबन्दी,सोनबरसा, इत्यादि बॉडर पर शराब की तस्करी होती रही है।भुतही में भुतही रैन,बिशनपुर गोनाही का लोहखर के निकट बथनाहा तथा सोनबरसा का इलाका शराब की ट्रक की ट्रक तस्करी के लिए और शराब उतारने के लिए जाना जाता रहा है।और इन इलाकों में एसएसबी तथा पुलिस ने कई बार शराब लदे ट्रकों को पकड़ा है तो शराब गोदामो को शील किया है।
बावजुद इसके सोनबरसा थानाक्षेत्र में भी शराब के धंधेबाजों की पौ बारह है।भुतही में शराब मांफीया शिक्षा के पवित्र मन्दिर को भी नही बख्स रहे है।भुतही के जागेश्वर उच्य विद्यालय परिसर में और विद्यालय के अंदर जमीन पर पड़ी शराब की दर्जनों बोतले व ताश के पत्ते,वहां के रात का फसाना बताने के लिए काफी है।



 जागेश्वर उच्य विद्यालय भुतही के एचएम पंकज कुमार ने कहा-सोनबरसा थानाध्यक्ष व शिक्षा विभाग को पत्र दिया हूँ।विद्यालय में शराबी,जुआरियों का जमघट रहता है,असमाजिक तत्व का जमावड़ा होता है।उन्हें किसकी हिम्मत की कोई रोक टोक कर दे।भय का माहौल बना है।


सोनबरसा थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष मो एकराम खान ने कहा--थानाध्यक्ष राकेस रंजन के छूटटी पर जाने के बाद दो दिनों से प्रभार में हूँ,मुझे इतनी जानकारी नही है,और भुतही से आवेदन मिलने की कोई जानकारी नही है।मीडिया से ही पता चला है।इसके लिए एचएम से बात करूंगा और यदि शराब की बोतल होगी और अन्य बाते सही होगी तो असमाजिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई होगी।

©मुकुन्द कुमार अग्रवाल(सोनबरसा,सीतामढ़ी,भास्कर न्यूज)

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